. 🙏 *एक अरदास* *जिन्दगी बख्शी है,* *तो जीने का सलीका भी बख्श।* *ज़ुबान बख्शी है मेरे मालिक,* *तो सच्चे अल्फ़ाज़ भी बख्श।* *सभी के अन्दर तेरी ज्योत दिखे,* *ऐसी तू मुझे नज़र भी बख्श।* *किसी का दिल न दुखे मेरी वजह से,* *ऐसा अहसास भी तू मुझे बख्श।* *आपके चरणकमल में मैं लगा रहूँ,* *हे दाता ऐसा ध्यान भी बख्श।* *रिश्ते जो बनाये मेरे मालिक,* *उनमें अटूट प्यार तू भर।* *ज़िम्मेदारियाँ बख्शी हैं मेरे पालनहार,* *तो उनको निभाने की समझ भी बख्श।* *बुद्धि बख्शी है मेरे मालिक,* *तो विवेक बख्श।* *एक और अहसान कर दे,* *जो कुछ है, वो सब तेरा है,* *तो फिर इस मेरी "मैं" को भी बख्श।* 🙏💐🙏